देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तराखंड के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे तथा केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों को रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर घेरने की रणनीति के तहत बड़ा संदेश देंगे। कांग्रेस इस दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की औपचारिक चुनावी शुरुआत के रूप में देख रही है।राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब कांग्रेस राज्य में भाजपा सरकार के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी माहौल बनाने की कोशिश में जुटी है। पार्टी का मानना है कि छात्र और युवा मतदाता न केवल चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि राजनीतिक माहौल और जनमत तैयार करने में भी प्रभावशाली होते हैं।
युवाओं के मुद्दों पर रहेगा फोकस
राहुल गांधी अपने संबोधन में नीट परीक्षा, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं। कांग्रेस इन विषयों को लेकर भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर रही है और इन्हीं मुद्दों के जरिए युवाओं को अपने पक्ष में जोड़ने का प्रयास कर रही है।
चुनावी अभियान को देंगे गति
इससे पहले जून में राहुल गांधी ने अल्मोड़ा और पौड़ी में चुनावी कार्यक्रमों की शुरुआत की थी, लेकिन खराब मौसम के कारण वह दोनों स्थानों पर नहीं पहुंच सके थे। उन्होंने मोबाइल फोन के जरिए कार्यकर्ताओं और लोगों को संबोधित किया था, जबकि देहरादून में प्रस्तावित वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी रद्द करनी पड़ी थी।करीब एक महीने बाद हो रहा यह दौरा कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति को गति देने वाला माना जा रहा है। पार्टी विभिन्न वर्गों तक सीधे पहुंच बनाकर भाजपा के खिलाफ माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही है।
वरिष्ठ नेताओं के साथ करेंगे मंथन
देहरादून में राहुल गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे। इस बैठक में आगामी चुनाव की रणनीति, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी और आपसी खींचतान को खत्म करने का संदेश भी दे सकती है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सभी वरिष्ठ नेता एकजुट होकर चुनावी तैयारियों में जुटें।
संगठन को लेकर भी चुनौती
राहुल गांधी के दौरे के बीच प्रदेश कांग्रेस संगठन को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल (या वर्तमान अध्यक्ष के अनुसार) के नेतृत्व में अब तक नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है। चुनावी वर्ष में संगठनात्मक ढांचे में देरी को लेकर पार्टी के भीतर भी चर्चा है।कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि राहुल गांधी का दौरा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ संगठन में नई ऊर्जा का संचार करेगा और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को मजबूत आधार प्रदान करेगा।
