रायपुर/ क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने मुंबई प्रवास के दौरान बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुलाकात के दौरान संत श्री ने स्नेहपूर्वक उनकी पीठ थपथपाई, सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और सनातन धर्म एवं समाज सेवा के कार्यों में निरंतर समर्पित रहने का संदेश दिया।इस आत्मीय मुलाकात का सबसे यादगार क्षण तब आया, जब परिचय के दौरान वीरेंद्र सिंह तोमर ने स्वयं को छत्तीसगढ़ का बताया। यह सुनते ही पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने मुस्कुराते हुए कहा—“छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया।” उनके इस सहज और आत्मीय संबोधन से वहां उपस्थित श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल बन गया।
वीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, आशीर्वाद देते हुए बागेश्वर धाम सरकार ने कहा कि वे सनातन धर्म, राष्ट्र और समाज की सेवा के अपने संकल्प पर अडिग रहें। उन्होंने यह भी आशीर्वचन दिया कि ईश्वर की कृपा से उनके मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर हों, सत्य की विजय हो तथा उनके विरोधियों के नकारात्मक प्रयास निष्फल हों।
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इस अवसर पर मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के छोटे पुत्र प्रबल प्रताप सिंह तोमर भी मौजूद रहे। दोनों ने श्रद्धापूर्वक बागेश्वर धाम सरकार के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और सनातन धर्म, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर संक्षिप्त चर्चा भी की।भेंट के बाद वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह उनके जीवन के सबसे प्रेरणादायक और अविस्मरणीय क्षणों में से एक है। उन्होंने कहा कि संत श्री के मुखारविंद से निकले शब्दों ने उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा, आत्मविश्वास और समाजहित में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की नई प्रेरणा दी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ का किसान, युवा और आम नागरिक अपने अधिकारों, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए संघर्षरत है। ऐसे समय में संत का आशीर्वाद केवल व्यक्तिगत प्रेरणा नहीं, बल्कि समाज और प्रदेश की सेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने वाला संदेश है।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि क्षत्रिय करणी सेना छत्तीसगढ़ की अस्मिता, सनातन संस्कृति, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाती रहेगी। उनका कहना है कि बागेश्वर धाम सरकार का आशीर्वाद संगठन के जनकल्याणकारी अभियानों को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि उनके लिए छत्तीसगढ़ का मान-सम्मान सर्वोपरि है और जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। अंत में उन्होंने “जय बागेश्वर धाम सरकार, जय क्षत्रिय धर्म, जय सियाराम, जय छत्तीसगढ़ महतारी” का उद्घोष करते हुए कहा कि “रात चाहे कितनी भी अंधेरी क्यों न हो, सुबह अवश्य होती है।”
