अयोध्या: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब एक और बड़े घोटाले का पर्दाफाश होता दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि मंदिर में ‘VIP दर्शन’ कराने के नाम पर हर महीने लाखों रुपये का काला खेल चल रहा था। इस पूरे नेक्सस (गैंग) का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि चढ़ावा चोरी के आरोप में घिरा रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ही बताया जा रहा है। विशेष जांच दल (SIT) की पड़ताल में इस चौंकाने वाले खेल का खुलासा हुआ है।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही शुरू हुआ था खेल
सूत्रों के मुताबिक, यह अवैध वसूली 22 जनवरी को हुई प्राण प्रतिष्ठा के तुरंत बाद से ही शुरू हो गई थी। सामान्य श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन के लिए लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत आए लोगों को चंद मिनटों में दर्शन हो जाते हैं।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से वीआईपी पास पूरी तरह निशुल्क (Free) जारी किए जाते हैं, लेकिन टिन्नू और उसकी मंडली ने इसी व्यवस्था को अपनी कमाई का जरिया बना लिया।
होटल और होम-स्टे वालों के जरिए फैलाया जाल
SIT जांच में सामने आया है कि इस गैंग ने अयोध्या के दर्जनों होटलों, होम-स्टे और धर्मशालाओं के मालिकों से साठगांठ कर रखी थी। खेल का तरीका कुछ इस तरह था:
- भक्तों की तलाश: होटल या होम-स्टे के मालिक वहां ठहरने वाले अमीर श्रद्धालुओं को झांसा देते थे कि वे बिना लाइन में लगे सीधे VIP दर्शन करवा देंगे।
- रेट कार्ड: प्रति श्रद्धालु 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की वसूली आम बात थी। अगर कोई श्रद्धालु ज्यादा रईस दिखता, तो उससे 2000 रुपये या उससे भी अधिक ऐंठ लिए जाते थे।
- डिटेल शेयरिंग: पैसे वसूलने के बाद श्रद्धालुओं की जानकारी टिन्नू एंड कंपनी को भेज दी जाती थी।
ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों की ID का दुरुपयोग!
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि टिन्नू यादव के पास खुद पास बनाने का कोई अधिकार नहीं था। इसके बावजूद वह चंद मिनटों में वीआईपी पास तैयार कर देता था।
इस काम में उसकी मदद अनुकल्प, करुणेश, मनीष, अविनाश और लवकुश नाम के आरोपी करते थे, जो फिलहाल जेल में हैं। हर दिन होने वाली लाखों की कमाई का बंटवारा शाम को आपस में तय हिस्सेदारी के हिसाब से हो जाता था।
‘छोटू’ है VIP गेट का सबसे बड़ा खिलाड़ी
इस सिंडिकेट में एक और नाम बड़ी तेजी से उभरकर सामने आया है, वह है ‘छोटू’। राम मंदिर के वीआईपी रूट और गेट के पास छोटू का सिक्का चलता था। अयोध्या में चर्चा है कि जिसे भी बिना लाइन के तुरंत दर्शन करने होते थे, वह सीधे छोटू से संपर्क करता था। छोटू भी टिन्नू गैंग से मिलकर मोटी रकम वसूलता था और विशेष त्योहारों या अवसरों पर तो इनकी चांदी हो जाती थी।
कई और कर्मचारियों पर गिरेगी गाज!
चढ़ावा चोरी के बाद वीआईपी पास के इस नए रैकेट के खुलासे ने मंदिर प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। SIT सूत्रों की मानें तो इस खेल में मंदिर के कई और अंदरूनी कर्मचारी तथा कुछ रसूखदार बाहरी लोग भी शामिल हैं। जल्द ही इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं और कई चेहरों से नकाब उतरना तय माना जा रहा है।
