वेनेजुएला (कैटिया ला मार): कहते हैं ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’—वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के सात दिन बाद यह कहावत हकीकत में बदलती दिख रही है। जहां एक तरफ मलबे में दबे लोगों के जिंदा बचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी हैं, वहीं राजधानी के पास तटीय इलाके कैटिया ला मार में एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।
एक सात मंजिला ढही हुई इमारत के मलबे के नीचे 43 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड हर्नान गिल पिछले सात दिनों से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं और राहत की बात यह है कि वे अब भी जिंदा हैं।
7 देशों के जांबाज जुटे मिशन में
हर्नान गिल को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दुनिया के 7 देशों ने हाथ मिलाया है। इस महा-रेस्क्यू ऑपरेशन में निम्नलिखित देशों के एक्सपर्ट्स दिन-रात एक कर रहे हैं:
- चिली
- वेनेजुएला
- अमेरिका
- पुर्तगाल
- कोस्टा रिका
- एल साल्वाडोर
- मेक्सिको
हाल ही में चिली की फायर सर्विस ने सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो साझा किया। मलबे के नीचे भेजे गए कैमरे में हर्नान गिल अपनी संकरी सी जगह में सिर घुमाते नजर आए। उन्होंने चेहरे पर मास्क पहना हुआ था और उनकी दाईं आंख लाल दिख रही थी, लेकिन उनकी आंखों में जिंदगी की उम्मीद साफ झलक रही थी।
कैसे जिंदा हैं हर्नान? रेस्क्यू टीम की रणनीति
मलबे के भीतर हर्नान तक जिंदगी की डोर पहुंचा दी गई है। बचाव दल पिछले तीन दिनों से बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है:
- इमारत को सहारा: ढही हुई इमारत और पास की एक अन्य बिल्डिंग को गिरने से रोकने के लिए लकड़ी और लोहे के विशाल बीम से सपोर्ट दिया गया है।
- हवा और पानी की सप्लाई: एक पतली पाइप के जरिए हर्नान तक लगातार ऑक्सीजन (ताजा हवा) और पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है।
- सिर्फ 1 मीटर की दूरी: रेस्क्यू टीम के प्रमुख क्रिस्टियन वेरा ने बताया कि बुधवार देर रात तक बचावकर्मी हर्नान से महज एक मीटर की दूरी पर पहुंच चुके हैं।
प्लान में बदलाव: पहले टीम ने 60×60 सेंटीमीटर की सुरंग बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन इमारत में हल्का झुकाव आने के कारण खतरा बढ़ गया। अब बेहद सावधानी से दूसरे रास्ते से उन तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
भूकंप की विभीषिका के बीच उम्मीद की किरण
बीते 24 जून को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो के बाद एक विनाशकारी भूकंप आए थे। इस आपदा में अब तक 2,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लापता हैं। चारों तरफ फैली इस तबाही और मायूसी के बीच, मलबे के नीचे से हर्नान गिल का सात दिनों तक मुस्कुराते रहना पूरी इंसानियत और रेस्क्यू टीमों के लिए हिम्मत की एक नई मिसाल बन गया है। पूरा देश अब हर्नान के सकुशल बाहर आने की प्रार्थना कर रहा है।
