नई दिल्ली/तेल अवीव: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग (Commission of Inquiry) की गाजा पर जारी नई रिपोर्ट को लेकर इजरायल और संयुक्त राष्ट्र के बीच विवाद गहरा गया है। इस रिपोर्ट की अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर कर रहे हैं। रिपोर्ट में इजरायली रक्षा बल (IDF) पर गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने सहित नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराध जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
- रिपोर्ट में क्या कहा गया?
UNHRC के स्वतंत्र जांच आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच गाजा और वेस्ट बैंक में 20,179 से अधिक फिलिस्तीनी बच्चों की मौत हुई, जबकि 44,143 से ज्यादा बच्चे घायल हुए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इनमें 1,000 से अधिक नवजात शिशु भी शामिल हैं।
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि इजरायली सेना ने नागरिकों, विशेषकर बच्चों को रणनीतिक रूप से निशाना बनाया और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन किया। आयोग ने इन घटनाओं को नरसंहार, युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध की श्रेणी में रखा है।
- इजरायल क्यों हुआ नाराज?
रिपोर्ट सामने आने के बाद भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जस्टिस एस. मुरलीधर की कड़ी आलोचना की।अजार ने कहा कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर बर्बर हमला किया था, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों नागरिकों की हत्या, अपहरण और अत्याचार किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि UN आयोग ने IDF पर “बेबुनियाद आरोप” लगाए हैं और अपनी रिपोर्ट में हमास द्वारा नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किए जाने जैसे तथ्यों को नजरअंदाज किया है।
इजरायल का कहना है कि आयोग की रिपोर्ट आतंकवादी संगठनों से प्राप्त सूचनाओं पर आधारित है और यह वास्तविक परिस्थितियों को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं करती।
- कौन हैं जस्टिस एस. मुरलीधर?
जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर भारत के प्रतिष्ठित पूर्व न्यायाधीश हैं। उन्होंने भारतीय न्यायपालिका में लगभग 17 वर्षों तक सेवा दी और अपनी निष्पक्षता, ईमानदारी तथा संवेदनशील फैसलों के लिए पहचान बनाई।साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान उन्होंने आधी रात को अपने आवास पर विशेष सुनवाई कर घायल लोगों को तत्काल सुरक्षित अस्पतालों में पहुंचाने का आदेश दिया था। उनके इस फैसले की देशभर में सराहना हुई थी।
वर्तमान में वह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
- बढ़ सकता है अंतरराष्ट्रीय विवाद
गाजा पर आई इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। जहां संयुक्त राष्ट्र का आयोग इजरायल पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों का आरोप लगा रहा है, वहीं इजरायल इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण और तथ्यों से परे बता रहा है।आने वाले दिनों में इस रिपोर्ट को लेकर संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में व्यापक चर्चा होने की संभावना है। साथ ही, इजरायल और संयुक्त राष्ट्र के बीच पहले से मौजूद मतभेद और गहरे हो सकते हैं।
