पुणे। चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड के बीच आरोपी सिया गोयल के परिवार के कारोबार पर महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, लेबलिंग में अनियमितताओं और संभावित मिलावट के संदेह के चलते एफडीए ने परिवार की फर्म बी.जी. गोयल एंड कंपनी को नोटिस जारी करते हुए अगले आदेश तक व्यवसाय बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
एफडीए अधिकारियों के अनुसार, पुणे के मार्केट यार्ड स्थित प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया, जहां हल्दी पाउडर, तिल और सोयाबीन चंक्स समेत विभिन्न खाद्य उत्पादों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान ‘संत’ और ‘साधु’ ब्रांड के उत्पादों के नमूने लिए गए। प्रारंभिक जांच में लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और खाद्य पदार्थों में संभावित मिलावट की आशंका मिलने पर करीब 4,172 किलोग्राम खाद्य सामग्री, जिसकी अनुमानित कीमत 8.14 लाख रुपये है, जब्त कर ली गई।
एफडीए ने बताया कि जब्त किए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान ने खाद्य लाइसेंस से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं और वैधानिक प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं किया था। इसी आधार पर दुकान को अगले आदेश तक कारोबार बंद रखने का नोटिस जारी किया गया है।
एफडीए का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act) के तहत की गई है। यदि प्रयोगशाला जांच में मिलावट या अन्य उल्लंघनों की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है केतन अग्रवाल हत्याकांड?
गौरतलब है कि 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले की ट्रेकिंग के दौरान सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल (25) को कथित तौर पर खाई में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हालांकि, एफडीए ने स्पष्ट किया है कि दुकान के खिलाफ की गई कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से संबंधित है और इसका हत्याकांड की आपराधिक जांच से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। दोनों मामलों की जांच अलग-अलग एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर कर रही हैं।
