भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु द्वारा जापान ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब जीतने पर क्षत्रिय करणी सेना ने हर्ष व्यक्त किया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने सिंधु को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
अपने बधाई संदेश में श्री तोमर ने कहा कि पीवी सिंधु ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर संघर्ष के बल पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। पिछले कुछ समय से उन्हें लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी आलोचनाओं का जवाब कोर्ट पर दिया।
उन्होंने कहा कि जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पीवी सिंधु पहली भारतीय महिला शटलर बन गई हैं, जो भारतीय खेल जगत के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
श्री तोमर ने कहा कि सिंधु ने अपने खेल और धैर्य से यह संदेश दिया है कि असफलताएं केवल सफलता की ओर बढ़ने का एक पड़ाव होती हैं। उन्होंने सिंधु के उस विचार का भी उल्लेख किया, जिसमें वह कहती हैं— “आप कुछ जीतते हैं और कुछ हारते हैं। यह खेल का हिस्सा है। इसे हमेशा सकारात्मक तरीके से स्वीकार करना चाहिए।”
जापान ओपन में रचा इतिहास
31 वर्षीय पीवी सिंधु ने पहली बार जापान ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान जापान की तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को लगातार सेटों में 21-17, 21-17 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। सेमीफाइनल में सिंधु ने चीन की मजबूत खिलाड़ी चेन युफेई को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इस जीत के साथ उन्होंने दो वर्ष से अधिक समय बाद किसी BWF सुपर 750 टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया।
गौरतलब है कि सिंधु ने इससे पहले वर्ष 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था, जबकि भारत के बाहर उनका पिछला बड़ा खिताब वर्ष 2022 का सिंगापुर ओपन था। लंबे अंतराल के बाद मिली इस सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पीवी सिंधु विश्व बैडमिंटन की सबसे मजबूत खिलाड़ियों में शामिल हैं।
क्षत्रिय करणी सेना ने उम्मीद जताई है कि पीवी सिंधु भविष्य में भी इसी तरह भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन करती रहेंगी और देशवासियों को गौरवान्वित करने वाली नई-नई उपलब्धियां हासिल करेंगी।
