नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में लगातार दूसरी बार शपथ लेकर संसद के उच्च सदन में अपने नए कार्यकाल की शुरुआत की। उन्हें राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने संसद भवन स्थित अपने कक्ष में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। खड़गे कर्नाटक से दोबारा राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और वे पहले की तरह राज्यसभा में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) की जिम्मेदारी भी निभाते रहेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद रहीं। वहीं, राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा उपसभापति हरिवंश भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
शपथ लेने के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे अपने लिए “गर्व और जिम्मेदारी का क्षण” बताया। उन्होंने कहा कि वे राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाते रहेंगे। साथ ही आगामी मानसून सत्र में विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सरकार को जनहित के मुद्दों पर जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जाएगा।
गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे का पिछला राज्यसभा कार्यकाल 25 जून को समाप्त हुआ था। इसके बाद हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में वे कर्नाटक से लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए। 11 जून को उन्हें अन्य उम्मीदवारों के साथ निर्विरोध चुना गया था।
खड़गे 2019 के लोकसभा चुनाव में पराजित होने के बाद 2020 में पहली बार राज्यसभा पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 2021 से वे राज्यसभा में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लंबे संसदीय अनुभव और संगठनात्मक नेतृत्व के कारण उन्हें कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता है। अब नए कार्यकाल के साथ उनकी जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि संसद के आगामी सत्रों में कई अहम विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
