पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक नया और अहम खुलासा सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी चेतन चौधरी घटना वाले दिन अपना मोबाइल फोन दुकान पर ही छोड़कर लोहागढ़ किले गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसने अपनी लोकेशन ट्रेस होने से बचने के लिए ऐसा कदम उठाया।
जांच के दौरान पुलिस ने चेतन चौधरी की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी नीरज कुमार का बयान दर्ज किया। नीरज ने पूछताछ में बताया कि 18 जून को चेतन ने अपना मोबाइल फोन दुकान पर ही उसके पास छोड़ दिया था और बिना फोन के बाहर चला गया।
हालांकि पुलिस ने जब नीरज कुमार के मोबाइल की लोकेशन की जांच की, तो वह भी घटना के समय लोहागढ़ किले के आसपास सक्रिय मिली। इसके बाद जांच अधिकारियों ने नीरज से भी विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नीरज केवल कर्मचारी के रूप में मौजूद था या उसे पूरी घटना की पहले से जानकारी थी।
पुलिस किले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक मिले तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मामले की कई अहम कड़ियों को जोड़ रहे हैं।
शुरुआत में केतन अग्रवाल की मौत को हादसा माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके बाद मामला हत्या में तब्दील हो गया। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
