नई दिल्ली/सेशेल्स:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा भारत की पड़ोसी और हिंद महासागर क्षेत्र की नीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई है। इस दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच कुल 19 महत्वपूर्ण समझौतों और सहमतियों पर हस्ताक्षर हुए, जिनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक, डिजिटल, स्वास्थ्य और विकास संबंधी साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करना है। इन समझौतों को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और सेशेल्स के साथ गहरे होते रिश्तों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स आने वाले वर्षों में जलवायु परिवर्तन से निपटने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और समुद्री अर्थव्यवस्था के विकास जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। उन्होंने अपने संदेश में कहा,
“सेशेल्स की इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण नतीजे सामने आए हैं। कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें सेशेल्स में यूपीआई को लागू करने से जुड़ा समझौता, जन औषधि पर समझौता और अन्य समझौते शामिल हैं। हम क्लाइमेट एक्शन, ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी और भविष्य से जुड़े अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करना जारी रखेंगे।”
- विदेश मंत्रालय ने दी समझौतों की जानकारी
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कुल 19 विषयों पर सहमति बनी। इन समझौतों का दायरा केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, समुद्री सुरक्षा, आधारभूत संरचना और विकास सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
इन समझौतों के तहत भारत सेशेल्स को फास्ट पेट्रोल जहाज़, एंबुलेंस, यूटिलिटी वाहन, चावल, सीमेंट और अन्य आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति करेगा। इससे सेशेल्स की आधारभूत सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूती मिलेगी। वहीं, समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से हिंद महासागर में दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी।
- सेशेल्स में यूपीआई की शुरुआत से बढ़ेगी डिजिटल क्रांति
दौरे का सबसे चर्चित समझौता यूपीआई को सेशेल्स में लागू करने से जुड़ा रहा। इसके लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय पर्यटक, कारोबारी और प्रवासी समुदाय के लिए लेन-देन पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज़ होगा। साथ ही सेशेल्स के नागरिकों को भी आधुनिक डिजिटल भुगतान प्रणाली का लाभ मिलेगा।
भारत पहले ही कई देशों में यूपीआई को विस्तार देकर डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर चुका है। सेशेल्स में इसका विस्तार भारत की डिजिटल कूटनीति की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- जन औषधि योजना पर सहयोग
भारत और सेशेल्स के बीच प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना से जुड़े सहयोग पर भी सहमति बनी। इस पहल का उद्देश्य सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इससे सेशेल्स के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ आम नागरिकों को कम कीमत पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
- ग्रीन हाइड्रोजन, क्लाइमेट एक्शन और ब्लू इकोनॉमी पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि दोनों देश ग्रीन हाइड्रोजन, क्लाइमेट एक्शन, स्वच्छ ऊर्जा, ब्लू इकोनॉमी और भविष्य की तकनीकों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जलवायु परिवर्तन से प्रभावित द्वीपीय देशों के लिए भारत का यह सहयोग विशेष महत्व रखता है। समुद्री संसाधनों के संरक्षण और उनके सतत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी दोनों देशों ने मिलकर काम करने पर सहमति जताई है।
- हिंद महासागर क्षेत्र में मजबूत होगी भारत की भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक देश है। ऐसे में इस यात्रा के दौरान हुए समझौते न केवल दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देंगे, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होंगे। भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘सागर (Security and Growth for All in the Region)’ नीति को भी इस दौरे से नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
