नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG से जुड़े कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
खरगे ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध और आवाज़ को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। खरगे ने यह भी दावा किया कि इस पूरे विवाद के कारण कई छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव और गंभीर नुकसान का सामना करना पड़ा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक बयानबाज़ी में उलझी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में छात्र न्याय और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में दिए गए अपने बयान में स्वीकार किया कि परीक्षा प्रक्रिया में कुछ स्तर पर गंभीर खामियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जिन लोगों और संस्थानों को जिम्मेदारी दी गई थी, उनमें से कुछ ने अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं किया, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हुई।
प्रधान ने इसे प्रशासनिक चूक बताते हुए कहा कि दोषियों की पहचान की जा रही है और जांच प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस पूरे मामले में विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल NEET-UG विवाद केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिस पर आने वाले दिनों में और भी तीखी बहस होने की संभावना है।
