कोलकाता/नादिया: पश्चिम बंगाल के नादिया ज़िले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा के स्थानीय ट्रांजिट कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों द्वारा अंडे और पत्थर फेंकने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है। टीएमसी ने इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को ज़िम्मेदार ठहराया है, जबकि बीजेपी ने इसे सत्ताधारी दल के ख़िलाफ़ ‘आम जनता का आक्रोश’ करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बुधवार (1 जुलाई) को कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र की सांसद महुआ मोइत्रा नादिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित अपने पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रही थीं। इसी दौरान बाहर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए और उन्होंने दफ़्तर पर अंडों, सब्जियों और पत्थरों की बौछार शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दफ़्तर की खिड़कियों के कांच से अंडे टकराते हुए साफ़ देखे जा सकते हैं।
महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि इस हमले में एक पत्थर उन्हें भी लगा है। उन्होंने कहा:
महुआ का पुलिस और डीजीपी पर बड़ा आरोप
सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वीडियो साझा करते हुए राज्य के डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता और पश्चिम बंगाल पुलिस को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के दौरान डीजीपी ने उनका फ़ोन तक नहीं उठाया। महुआ के मुताबिक, शिकायत के बाद पुलिस मौके पर तो आई, लेकिन दो घंटे तक मूकदर्शक बनकर खड़ी रही और भीड़ को हटाने की कोई कोशिश नहीं की।
टीएमसी नेताओं ने घेरा: ‘लोकतंत्र पर हमला’
इस घटना के बाद टीएमसी के शीर्ष नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है:
- अभिषेक बनर्जी (टीएमसी नेता): “हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद पश्चिम बंगाल पुलिस की चुप्पी गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को सिर्फ इसलिए परेशान करना क्योंकि वह झुकने से इंकार करती है, ताकत नहीं बल्कि असुरक्षा और कायरता की निशानी है।”
- संजय सिंह (आप नेता): टीएमसी के समर्थन में आते हुए आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने इसे ‘गुंडागर्दी’ बताया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इस मामले को विशेषाधिकार हनन समिति के पास भेजने की मांग की।
- कीर्ति आज़ाद और सागरिका घोष: टीएमसी सांसदों ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला और बीजेपी की सोची-समझी साजिश बताया।
बीजेपी का पलटवार: ‘यह टीएमसी की आपसी गुटबाजी है’
दूसरी तरफ, बीजेपी ने महुआ मोइत्रा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
- शारद्वत मुखर्जी (पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री / बीजेपी नेता): उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा, “उन्हें भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि सिर्फ अंडा फेंका गया है। जब आम नागरिक नाराज हैं, तो क्या उन पर फूल बरसाए जाएं? यह कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि जनता का गुस्सा है।” उन्होंने पिछली सरकार के समय बीजेपी अध्यक्ष पर ईंट फेंके जाने की घटना की भी याद दिलाई।
- समित भट्टाचार्य (पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष): उन्होंने कहा कि यह टीएमसी की आंतरिक कलह का नतीजा है। “तृणमूल ही तृणमूल को मार रही है। किसकी जेब में अंडा है, यह देखने के लिए कोई मेटल डिटेक्टर नहीं होता। टीएमसी को खुद पता लगाना चाहिए कि उनका कौन सा कार्यकर्ता किस नेता पर अंडा फेंक रहा है।”
- शंकर सिकदर (बीजेपी विधायक): उन्होंने साफ किया कि बीजेपी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा नहीं देती, लेकिन जिन लोगों को टीएमसी ने लंबे समय तक प्रताड़ित किया है, वे अब इस तरह अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
