चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत कर दी है। योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने ₹1,000 से ₹1,500 तक की आर्थिक सहायता सीधे ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने योजना को राज्य की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक पहल बताया। सरकार के अनुसार, पहली किस्त 1 जुलाई से पात्र लाभार्थियों के खातों में भेजी जानी शुरू हो गई है।
योजना के तहत केवल पात्र महिलाओं को ही लाभ मिलेगा। सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं, सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त महिलाएं, आयकरदाता और कुछ अन्य निर्धारित श्रेणियों की महिलाएं इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस योजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार ने चुनाव से पहले इस योजना को लागू कर महिलाओं से किए गए वादे को पूरा करने की कोशिश की है। इससे पहले दिल्ली में महिला सम्मान योजना समय पर लागू नहीं हो पाने को लेकर आम आदमी पार्टी को राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ा था। ऐसे में पंजाब सरकार ने योजना को चुनाव से पहले लागू कर अलग रणनीति अपनाई है।
सरकार का दावा है कि यह योजना लाखों महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचाएगी और उनके परिवारों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी।
मुख्य बातें:
- 1 जुलाई से योजना लागू।
- पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,000–₹1,500 की सहायता।
- राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
- सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और आयकरदाता महिलाएं योजना के दायरे से बाहर।
- महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का उद्देश्य।
