नई दिल्ली, 8 अगस्त 2026: भारत में प्राकृतिक गैस की मांग में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। Equirus की एक शोध रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में देश की प्राकृतिक गैस खपत व्यवधान से पहले के स्तर के करीब पहुंच गई। गैस की मांग में यह सुधार कई प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक वृद्धि के चलते हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गैस की खपत में सुधार भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, दूसरी ओर वैश्विक बाजार में LNG (Liquefied Natural Gas) के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ऊंची स्पॉट कीमतें आने वाले समय में चुनौती पैदा कर सकती हैं।
भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए LNG आयात पर भी निर्भर है। ऐसे में यदि वैश्विक स्तर पर LNG की मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो भारतीय कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू गैस मांग में सुधार अर्थव्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक है, लेकिन वैश्विक LNG बाजार की स्थिति भारत के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
कुल मिलाकर, भारत में प्राकृतिक गैस की मांग ने व्यवधान के बाद मजबूत वापसी की है। हालांकि, वैश्विक LNG बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ऊंची कीमतें आगे की राह में बड़ी चुनौती बन सकती हैं।
