अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से अधिक समय से जारी भीषण युद्ध अब एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच जारी इस सैन्य टकराव को खत्म करने के लिए ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ (Islamabad MoU) पर सहमति बनती दिख रही है। इस बात को बल तब मिला जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के एक सोशल मीडिया पोस्ट को खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक ‘ट्रुथ सोशल’ अकाउंट पर रीपोस्ट (साझा) कर दिया। हालांकि, पर्दे के पीछे चल रही इस महाडील को लेकर दावों और अफवाहों का बाजार भी गर्म है।
- ‘शांति समझौता पहले कभी इतना करीब नहीं था’ – अब्बास अराघची
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए दुनिया को इस बड़े घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने लिखा:
अराघची ने आगे पारदर्शिता का भरोसा देते हुए लिखा, “हमारे जिम्मेदार और पारदर्शी नजरिए के हिसाब से सभी डिटेल्स सही समय पर जनता के साथ शेयर की जाएंगी।” इस पोस्ट के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इसे रीपोस्ट किए जाने को विशेषज्ञ एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। इसका मतलब यह है कि भले ही दोनों देशों के बीच कुछ शर्तों को लेकर गहरे मतभेद हों, लेकिन द्विपक्षीय बातचीत बेहद गंभीर स्तर पर आगे बढ़ रही है।
- उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान से क्यों बरकरार है संशय?
भले ही शांति की उम्मीदें बढ़ गई हैं, लेकिन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) के एक हालिया बयान ने इस समझौते की शर्तों पर संशय बरकरार रखा है। वेंस ने सोशल मीडिया पर आ रही खबरों को ‘गलत जानकारी’ (Fake Information) करार दिया है।
जेडी वेंस ने ‘X’ पर साफ शब्दों में लिखा:
वेंस ने स्पष्ट किया कि यह समझौता पूरी तरह से अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंताओं को प्राथमिकता देकर तैयार किया गया है। अगर ईरान अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करता है, तभी उन्हें आर्थिक फायदा होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस समझौते में क्षेत्र की तस्वीर बदलने और लंबे समय तक चलने वाली शांति लाने की क्षमता है।
- बीच में कूदे पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ, कहा- ‘ड्राफ्ट फाइनल है’
इस महाडील में मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी एक बड़ा दावा किया है। शहबाज शरीफ ने ‘X’ पर पोस्ट कर कहा कि शांति समझौते का फाइनल ड्राफ्ट पूरी तरह से तैयार हो चुका है।
शहबाज शरीफ ने कहा:
- पाकिस्तान की ओर से शांति समझौते के लिए ज़ोरदार मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं।
- हम उन ताकतों और अभियानों से पूरी तरह वाकिफ हैं जो इस शांति समझौते को नाकाम करने के लिए लगातार गलत जानकारियां फैला रहे हैं।
- अफवाहों को दरकिनार करते हुए हम पुष्टि कर सकते हैं कि ‘फाइनल ड्राफ्ट’ पर सहमति बन गई है और पाकिस्तान अब अगले कदमों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है। शांति कभी भी इतनी करीब नहीं रही जितनी अब है।
- क्या हैं समझौते की संभावित शर्तें? (रॉयटर्स की रिपोर्ट)
सूत्रों और रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ‘इस्लामाबाद MoU’ के तहत दो मुख्य शर्तों पर बातचीत केंद्रित है:
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना: ईरान इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए फिर से खोलेगा।
- प्रतिबंधों में राहत: इसके बदले में अमेरिका विभिन्न विदेशी बैंकों में फ्रीज (जब्त) पड़ी ईरान की अरबों डॉलर की संपत्ति को रिलीज करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है और ईरानी तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दे सकता है।
- ट्रंप की नाराजगी और भारतीय जहाजों पर हमला
शांति वार्ता के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को आड़े हाथों लेते हुए ‘बेईमान’ तक कह दिया था। ट्रंप का गुस्सा इस बात पर भी था कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों और अंतरराष्ट्रीय क्रूड टैंकर्स पर ड्रोन हमले कर रहा है, जिसे ट्रंप ने पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।
