रायपुर। दिल्ली में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध की गूंज अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक पहुंच गई है। भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता बुधवार को आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पुलिस को स्थिति संभालने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने दो बार आंसू गैस के गोले भी छोड़े।दरअसल, भाजपा कार्यकर्ता राहुल गांधी के विरोध में कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन का घेराव करने निकले थे। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ता राजीव भवन के पास पहुंचे, वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनका सामना हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई और तनाव की स्थिति बन गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, लेकिन कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाने और आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर भीड़ को पीछे हटाया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
भाजपा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास का घेराव कर राहुल गांधी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास किया है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे देश में अराजकता फैलाने और अर्बन नक्सलवाद को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।
कांग्रेस ने भी किया पलटवार
भाजपा के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। राजीव भवन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे और भाजपा के प्रदर्शन का विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर राजनीतिक दबाव बनाने और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का आरोप लगाया।
सुरक्षा के बीच ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित
प्रदर्शन के कारण रायपुर के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ और लंबा जाम लग गया। स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया। पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है।फिलहाल, रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़े इस राजनीतिक तनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
