रायपुर। रायपुर के खम्हारडीह निवासी एक जमीन कारोबारी पर जमीन दिलाने और बाद में सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर 7.55 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। शिकायत की जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, कोरबा जिले के करतला निवासी भुवनदास मानिकपुरी ने शिकायत में बताया कि अक्टूबर 2024 में उनके दोस्त अनिल साहू के माध्यम से उनकी मुलाकात अमितेश सतपथी से हुई थी। आरोपी ने उन्हें जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया और अलग-अलग तारीखों में फोन-पे, एनईएफटी और बैंक ट्रांसफर के जरिए शिकायतकर्ता, उनके पिता और दोस्तों से कुल 7 लाख 55 हजार रुपये ले लिए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो जमीन दिलाई गई और न ही रुपये लौटाए गए। बाद में आरोपी ने सरकारी नौकरी लगवाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन वह दावा भी पूरा नहीं हुआ। पीड़ित के अनुसार, अब तक आरोपी ने केवल 1,500 रुपये ही वापस किए हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने 24 दिसंबर 2025 की तारीख का एक नोटरी शपथ पत्र तैयार कर 4 लाख रुपये लौटाने का दावा किया। हालांकि, भुवनदास मानिकपुरी का आरोप है कि उस शपथ पत्र पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने जांच अधिकारियों को जनपद पंचायत करतला की उपस्थिति पंजी भी उपलब्ध कराई, जिसमें उक्त तारीख को उनके ड्यूटी पर मौजूद होने का रिकॉर्ड दर्ज है।
जांच के दौरान गवाह अनिल साहू ने भी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और रुपये दिए जाने की पुष्टि की। पुलिस ने बैंक लेनदेन के दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता ने 1 मई 2026 को भी इसी मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय आरोपी ने जमीन दिलाने के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार करते हुए पैसे लौटाने का आश्वासन दिया था।
सिविल लाइन थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
