रायपुर/कोरिया। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोरिया ट्रिपल मर्डर मामले में न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जांच के लिए अपनी सहमति दे दी है। गृह (सी) विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के अंतर्गत CBI को इस मामले की जांच के लिए राज्य में अधिकार क्षेत्र प्रदान किया गया है। इसे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

न्याय की मांग से CBI जांच तक
कोरिया जिले के थाना सोनहत में दर्ज अपराध क्रमांक 65/2026 एवं 66/2026 से जुड़े इस चर्चित ट्रिपल मर्डर केस को लेकर पिछले कई दिनों से सामाजिक स्तर पर न्याय की मांग तेज थी। विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, जिसके बाद सरकार ने CBI जांच के लिए सहमति प्रदान की।
करणी सेना ने चलाया लगातार अभियान
इस पूरे मामले में क्षत्रिय करणी सेना ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों से लगातार मुलाकात, ज्ञापन, धरना, विरोध प्रदर्शन और न्याय यात्रा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। हाल ही में रायपुर से कोरिया तक निकाली गई न्याय यात्रा के माध्यम से भी निष्पक्ष जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।
वीरेंद्र सिंह तोमर ने क्या कहा
वीरेंद्र सिंह तोमर ने राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि CBI जांच की स्वीकृति न्याय की लड़ाई में पहला महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पीड़ित परिवारों को निष्पक्ष न्याय दिलाना है और संगठन अंतिम निर्णय आने तक उनके साथ खड़ा रहेगा।
उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता, लगातार जनदबाव और शांतिपूर्ण आंदोलन के परिणामस्वरूप सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
अधिसूचना में क्या है
गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत थाना सोनहत, जिला कोरिया में दर्ज अपराध क्रमांक 65/2026 एवं 66/2026 की जांच के लिए CBI अधिकारियों को छत्तीसगढ़ राज्य में अधिकार क्षेत्र प्रदान किया गया है। इसके साथ ही मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी द्वारा आगे बढ़ाई जा सकेगी।
पीड़ित परिवारों में बढ़ी उम्मीद
CBI जांच को मंजूरी मिलने के बाद पीड़ित परिवारों और मामले पर नजर बनाए हुए लोगों में निष्पक्ष जांच की उम्मीद और मजबूत हुई है। अब सभी की निगाहें CBI की आगामी कार्रवाई और जांच की दिशा पर टिकी हैं।
फिलहाल यह निर्णय मामले की जांच प्रक्रिया में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि CBI जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और न्यायिक प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।
