नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च ने सोमवार को बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर तीखी झड़पें हुईं, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। देर रात CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है और मंगलवार को भी जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च जारी रहेगा।मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर एक बार फिर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटने लगे। सोमवार को पुलिस द्वारा कथित रूप से हटाए गए मंच के बाद प्रदर्शनकारियों ने दोबारा धरना शुरू किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सुरक्षा एजेंसियों ने संसद और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
संसद मार्च के दौरान हुआ भारी हंगामा
सोमवार को CJP द्वारा आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च का उद्देश्य कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में आवाज उठाना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना था। हालांकि, जैसे ही प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। वहीं प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने और बैरिकेड तोड़ने की घटनाएं भी सामने आईं। पूरे घटनाक्रम के दौरान राजधानी के कई इलाकों में यातायात प्रभावित रहा।
118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
दिल्ली पुलिस के अनुसार, झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों में स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 70 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति निर्धारित शर्तों के साथ दी गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने तय मार्ग और सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं किया। वहीं CJP ने पुलिस कार्रवाई को “अनावश्यक बल प्रयोग” बताया है।
अभिजीत दिपके का ऐलान—आंदोलन नहीं रुकेगा
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने देर रात मीडिया से बातचीत में कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार नहीं करती। उन्होंने कहा,”हम जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे। मंगलवार को फिर संसद की ओर मार्च करेंगे। यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की लड़ाई है।”उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील भी की।
CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद बोले जेपी नड्डा
इस बीच CJP प्रतिनिधियों की भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात हुई। बैठक के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में नड्डा ने कहा,
“बातचीत हमेशा अच्छी रहती है।”
हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई और क्या कोई ठोस सहमति बनी, इस बारे में दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
आज भी हाई अलर्ट पर दिल्ली
मंगलवार को प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संसद, जंतर-मंतर और केंद्रीय दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल, अर्धसैनिक जवान और त्वरित कार्रवाई दल (QRT) तैनात किए गए हैं। आम लोगों को ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या राजधानी में आंदोलन और तेज होता है।
