कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम (गोडाउन) के ढहने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस त्रासदी में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हादसे को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से तीखे सवाल पूछते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और अधिक मुआवजा देने की मांग भी उठाई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस घटना ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी ने पूछा कि आखिर जिस निर्माणाधीन ढांचे में इतनी बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे, उसे निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई थी और क्या सभी आवश्यक नियमों का पालन किया गया था। कांग्रेस का कहना है कि यदि निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता हुई है, तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
पार्टी ने आरोप लगाया कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का परिणाम हो सकता है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यदि निर्माण कार्य की नियमित जांच और निगरानी की गई होती तो शायद इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस बीच, हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रहे। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए व्यापक अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका के बीच बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जिन परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य को खो दिया है, उनके लिए केवल आर्थिक मुआवजा पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे परिवारों के दीर्घकालिक पुनर्वास और आर्थिक सुरक्षा के लिए रोजगार की व्यवस्था भी जरूरी है।
वहीं, राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता और अन्य सहयोगात्मक कदमों की घोषणा की है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी और हादसे के कारणों की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि तारातला में निर्माणाधीन गोदाम के ढहने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जांच में निर्माण स्वीकृति और परियोजना से जुड़ी कुछ संभावित अनियमितताओं की ओर भी संकेत मिले हैं, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस भीषण हादसे के पीछे तकनीकी खामी, लापरवाही या किसी प्रकार की प्रशासनिक चूक जिम्मेदार थी। वहीं, कांग्रेस सहित विपक्षी दल पीड़ित परिवारों के लिए न्याय, जवाबदेही और बेहतर मुआवजे की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं।
