नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार का दो दिवसीय हाई-प्रोफाइल ‘चिंतन शिविर 3.0’ रविवार को नए संकल्पों, भविष्य के रोडमैप और सकारात्मक ऊर्जा के साथ संपन्न हो गया। भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) नवा रायपुर के परिसर में आयोजित इस शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत बेहद अनूठे और ऊर्जावान अंदाज में हुई।
रविवार सुबह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने पूरे मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ आईआईएम के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में योगाभ्यास किया। इस दौरान मंत्रियों ने प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और विभिन्न आसनों के जरिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सुशासन का एक नया सूत्र देते हुए कहा, “एक स्वस्थ शरीर और शांत मन ही प्रभावी सुशासन तथा जनता के हित में सही और त्वरित निर्णय लेने का सबसे बड़ा आधार है।”
- योग सत्र: ‘तनाव मुक्त’ राजनीति और प्रशासन का संदेश
रोजमर्रा की सियासी भागदौड़ और प्रशासनिक व्यस्तताओं से दूर, छत्तीसगढ़ के मंत्रियों का यह रूप बेहद चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री साय के साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा और कैबिनेट के अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने ट्रैक सूट में योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में करीब एक घंटे तक योग और ध्यान लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर जनता की उम्मीदों का भारी दबाव रहता है। इस दबाव के बीच सही फैसले लेने के लिए मन का शांत होना बेहद जरूरी है। योग न केवल हमारे शरीर को स्फूर्ति देता है, बल्कि हमारी निर्णय क्षमता को भी परिपक्व बनाता है।
- चिंतन शिविर के मुख्य एजेंडे: जिन पर हुआ दो दिनों तक गहन मंथन
IIM नवा रायपुर के इस शिविर में देश के जाने-माने विषय-विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई:
1. 2028 का रोडमैप और छत्तीसगढ़ का विज़न
शिविर में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने के लिए आगामी तीन से पांच वर्षों का एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया। इसमें कृषि, वनोपज, खनिज और उद्योग जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं को तलाशने पर जोर दिया गया।
2. तकनीक और सुशासन
प्रशासनिक लेटलतीफी को खत्म करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सरकारी कामकाज में डिजिटल तकनीक और एआई (AI) के इस्तेमाल पर विशेषज्ञों ने मंत्रियों के साथ प्रजेंटेशन साझा किए।
3. अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाएं केवल कागजों या शहरों तक सीमित न रहें। बस्तर और सरगुजा के अंतिम छोर पर बैठे आदिवासी और गरीब व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचना चाहिए।
- विशेषज्ञों का मिला मार्गदर्शन, मंत्रियों ने सीखे मैनेजमेंट के गुर
IIM नवा रायपुर और देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से आए प्रबंधन विशेषज्ञों ने मंत्रियों को ‘टीम वर्क’ (Team Work) और ‘टाइम मैनेजमेंट’ (Time Management) के गुर सिखाए। मंत्रियों को बताया गया कि कैसे कम संसाधनों में और कम समय में बड़े और प्रभावी परिणाम (Result-oriented outcomes) हासिल किए जा सकते हैं।
- समापन पर संकल्प: ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की नींव
शिविर के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को इस बात के लिए प्रेरित किया कि वे शिविर से मिली सीख को अपने व्यावहारिक कामकाज में उतारें। उन्होंने कहा कि दो दिनों का यह बौद्धिक और मानसिक सत्र छत्तीसगढ़ के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।
इस शिविर के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ सरकार की कार्यशैली में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे जनकल्याणकारी कार्यों में और तेजी आएगी।
